मेरी एक तरफ़ा मोहब्बत का किस्सा पुरे शहर में मशूर था रंग मैं भी लगाना चाहता था उसे पर उसे किसी और के हाथों रंगना मंजूर था

ये खुदा आज कुछ तो रहम क्र दे मेरे दोस्त आज नहीं रह पायंगे लगवा दे इन्हे किसी लड़की के हाथो रंग, कमीने पुरे साल नहीं नहाएंगे

सुनो मैं गुलाल भेज रही हूँ लिफ़ाफ़े में रखकर ख़याल भेज रही हूँ तेरे आने से आबाद हुआ की जाने से बर्बाद जहाँ में उठ कुछ सवाल भेज रही हूँ सुनो मैं गुलाल भेज रही हूँ

बात हो जाये तो बात बन जाए बात बढ़ जाये तो कोई क्या करे रंग लग जाए तो छूट जाये रंग चढ़ जाये तो कोई क्या करे

इस होली सारे गिले-शिकवे मिटा देना राह दुश्मन भी मिल जाए उसे भी गले लगाकर 2 चुटकी गुलाल लगा देना

Holi Shayari Shayari On Holi

बात हो जाये तो बात बन जाए बात बढ़ जाये तो कोई क्या करे रंग लग जाए तो छूट जाये रंग चढ़ जाये तो कोई क्या करे

इस होली सारे गिले-शिकवे मिटा देना राह दुश्मन भी मिल जाए उसे भी गले लगाकर 2 चुटकी गुलाल लगा देना

Holi Shayari Shayari On Holi

आसमान भरा है रंगो से पर ज़िंदगी मेरी बेरंग है ना कोई मेरा अपना मेरे साथ है ना ही खुशी मेरे संग है शयद तेरे प्यार का ऐसा रंग चढ़ा की अब कोई रंग चढ़ता ही नहीं है

ज़माने के लिए तो एक साल में आती है होली लेकिन मुझे तो हर रोज रंग देती है तेरी यादें

Holi Shayari Shayari On Holi

सात रंगो से बनी रंगोली खुशियों से भर गयी मेरी झोली रंगो का खेल है ये होली रंगो में रंग जाते सब ऐसी है होली हर साल ये फाल्गुन मॉस में खुशियाँ ले आता होली अपने साथ रंगो की उड़ान है लता होली

May the bright colors of Holi take all the darkness away filling Lives with hopes & happiness Warm wishes on Holi